किसानों की सरकार को चेतावनी, मांग न मानने पर बिगड़ सकते है हालात

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संसद से जारी हुए नये कृषि कानून के खिलाफ किसान 37 दिनों से प्रोटेस्ट कर रहे हैं। अपनी मांगों को सरकार के सामने रखते हुए और फार्मर्स प्रोटेस्ट को आगे बढ़ाते हुए अब सरकार को किसानों की चेतावनी मिल रही है। किसानों का कहना है कि अगर सरकार 4 जनवरी तक उनके द्वारा कृषि कानून संबंधी की गई मांगों पर एक ठोस निर्णय नहीं लेगी तो आगे जो भी होगा उसके लिए केवल सरकार ही जिम्मेदार होगी।

2 कानून पर सरकार अभी झुकने को तैयार नहीं है।

सिंधु बॉर्डर पर आयोजित हुई Press conference में स्वराज इंडिया संगठन के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि ‘ सरकार ने अभी भी हमारे 2 कानून पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। 4 जनवरी को सरकार के साथ फिर बैठक बुलाई गई है। यदि 4 जनवरी को हमारी मांगे पूरी होती नहीं दिखाई दी तो हम देश‌ में 6 जनवरी से लेकर 20 जनवरी तक जागृति अभियान चलाएंगे।

उन्होंने प्रेस से अपनी बातचीत के दौरान यह भी कहा कि ‘ 23 जनवरी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर  बड़ा कार्यक्रम पूरे देश में आयोजित किया जाएगा और फार्मर प्रोटेस्ट अब उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में भी किया जाएगा। गुजरात और उत्तर प्रदेश में भी किसानों की मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। पर हम वहां के किसानों से सम्पर्क बनाए हुए हैं इसलिए हम इस Protest को आगे तक लेकर जाना चाहते हैं।

NDA के प्रतिनिधियों पर होगा घेराव

योगेन्द्र यादव ने कहा कि ‘सरकार की बैठक में पहले यह तय किया गया था कि वह MSP पर लिखित में निर्देश जारी करेगी परंतु अब वह कमेटी बनाने की बात कर रही है। MSP न मिलने की वजह से किसानों को हर साल 3 लाख रुपए करोड़ का नुक़सान झेलना पड़ता है। इसलिए यदि 4 जनवरी को कृषि कानून पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो अब NDA के प्रतिनिधियों पर निशाना साधा जाएगा।

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