सेक्टर-98 में सिक्का समूह के ‘मॉल ऑफ नोएडा’ परियोजना पर सीबीआई जांच शुरू हो गई है। इसमें जमीन आवंटन में धोखाधड़ी और नोएडा प्राधिकरण के 800 करोड़ रुपये बकाया न चुकाने का मामला सामने आया है।
- सीबीआइ ने सिक्का समूह की परियोजना की जांच शुरू की।
- नोएडा प्राधिकरण के 800 करोड़ रुपये बकाया नहीं चुकाए।
- जमीन आवंटन में धोखाधड़ी और अनियमितताएं सामने आईं।
कुंदन तिवारी, नोएडा। प्राधिकरण से कौड़ियों के भाव भूमि लेकर बिल्डरों ने जमकर मनमानी की है। ताजा मामला सेक्टर-98 में माल आफ नोएडा के रूप में तैयार हो रही सिक्का समूह की परियोजना को लेकर प्रकाश में आया है। अब इस परियोजना पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है।
इसमें निवेशकों से परियोजना में दुकान, ऑफिस, शॉप देने के नाम पर रकम लेकर दूसरी परियोजनाओं में ट्रांसफर कर धोखाधड़ी करने समेत अन्य मामले की जांच शामिल है। नोएडा प्राधिकरण में एक सप्ताह पहले संपर्क कर सीबीआई ने परियोजना से जुड़ी जानकारी मांगी थी।
क्या है पूरा मामला?
सोमवार को प्राधिकरण के वाणिज्यिक विभाग के दो अधिकारियों से करीब तीन घंटे तक दिल्ली स्थित सीबीआई कार्यालय में पूछताछ हुई। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया है कि इस परियोजना से जुड़े दस्तावेज ही प्राधिकरण कार्यालय में नहीं है।
ऐसा इसलिए, क्योंकि प्राधिकरण ने वर्ष 2009 में सेक्टर-98 में 22 हजार वर्ग मीटर का भूखंड 109 करोड़ में विस्तार कंस्ट्रक्शन प्रा.लि. को आवंटित किया था। इसे 10 प्रतिशत राशि चुका कर लिया गया, पर वर्ष 2011 में बिल्डर ने दो टुकड़े (सी-1 ए व बी) में कर दिया।
एक टुकड़ा थ्री सी कॉम्प्लेक्स प्रा.लि. व दूसरा एक ग्रेनाइट हिल्स के नाम है। वहीं, थ्री सी कॉम्प्लेक्स के हिस्से की 11 हजार वर्ग मीटर भूमि प्राधिकरण कब्जे में ले चुकी है, पर ग्रेनाइट हिल्स के नाम से 11 हजार वर्ग मीटर भूमि को बिल्डर ने आपसी समझौते के तहत सिक्का समूह को बेच दिया। इसके कोई भी दस्तावेज प्राधिकरण कार्यालय में नहीं भेजे गए। आज 17 वर्ष बाद भी इस भूमि पर प्राधिकरण का 800 करोड़ बकाया है, पर बिल्डर चुका नहीं रहा।
उसका कहना है कि भूमि किसान के पास थी। वर्ष 2011 में एनजीटी की परियोजना के निर्माण पर रोक लगा रखी थी। इससे कोविडकाल की छूट दी जाए, पर शासन से उसे राहत नहीं मिल पा रही है। क्योंकि कागजी दस्तावेज में उनकी परियोजना नोएडा प्राधिकरण में दर्ज नहीं है।
सूत्रों का कहना है कि रेरा की रकम भी सिक्का समूह ने नहीं चुकाई है। इसलिए वर्ष 2022 में नोएडा सेक्टर-98 व ग्रेटर नोएडा वेस्ट में उनके आफिस को सीज किया गया था। अब सीबीआई ने नियोजन विभाग व लेखा विभाग को तलब किया है कि वह इस परियोजना से संबंधित दस्तावेजों को प्रस्तुत करें।







